जावरा। हिट एण्ड रन मामले को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा लागु किए जाने वाले कानून को लेकर बस और ट्रक चालकों के साथ ऑटो और मिनीडोर की हड़ताल दुसरे दिन भी लगातार जारी रही। वहीं सोमवार की शाम से ही शहर के पेट्रोल पम्पों पर वाहनों की कतारे लगी रही, मंगलवार की सुबह तक शहर के अधिकांश पेट्रोल पम्प ड्राय हो गए, वहीं जिनके पास पेट्रोल/डीजल बचा है उनके लिए भी जिला कलेक्टर ने लिमिट तय करते हुए दुपहिया और तीन पहिया वाहनों को 500 रुपए तथा चार पहिया वाहनों के लिए 1500 रुपए की लिमिट तय कर दी है। इधर बसों की हड़ताल के चलते शहर का बस स्टेण्ड सुना पड़ा है, जिसके चलते बस स्टेण्ड क्षैत्र में दुकान संचालित कर अपना गुजर बसर करने वाले दुकानदारों ने अपनी दुकाने बंद रखी। वही ऑटो मिनीडोर नहीं चलने आम लोगों भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ अंजान यात्री जैसे तेसे बस स्टेण्ड तक तो पहुंच गए लेकिन बसें नहीं चलने से परेशान हुए और पुन: पैदल ही अपने घर को लोट गए।
नहीं रुकी हड़ताल तो बदत्तर होगें हालात –
बसों और ट्रकों की हड़ताल यदि शीघ्र समाप्त नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और अधिक बदत्तर हो जाएंगे, ऑटो मिनीडोर वाले भी नहीं माने तो कई स्कूलों के बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाएंगे, क्यों कि शहर के अधिकाशं स्कूलों में बच्चे ऑटो और मिनीडोर से ही पहुंचते है, ऐसे में पालकों को स्वयं अपने निजी वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजना होगा, वहीं गांवों से जावरा पढऩे वाले बच्चें भी बसों के नहीं चलने से स्कूल नहीं पहुंच पाएंगे।
कलेक्टर ने तय की पेट्रोल/डीजल की लिमिट –
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भास्कर लाक्षाकार ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए जिले में पेट्रोल पंपों से वाहनों को पेट्रोल-डीजल विक्रय करने की सीमा निर्धारित कर दी है। पेट्रोल पंप विभिन्न वाहनों को निर्धारित मात्रा से अधिक डीजल-पेट्रोल विक्रय नहीं कर सकेंगे। कलेक्टर ने उक्त आदेश आमजन की सुविधा, कुशलक्षेम बनाए रखने एवं किसी भी अप्रिय स्थिति को निर्मित होने से रोकने के लिए जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार जिले में कोई भी पेट्रोल पंप संचालक दो पहिया वाहन में 500 रुपए, तीन पहिया आटो में 500 रुपए तथा चार पहिया वाहन (मालवाहक के अतिरिक्त) में 1500 रुपए से अधिक का डीजल-पेट्रोल प्रदाय नहीं कर सकेंगे। जारी आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध होगा, यह आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।


