पिपलोदा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पिपलोदा में राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार जिला स्तरीय शोध समिति का गठन किया गया। समिति की प्रथम बैठक का आयोजन शोध समिति की अध्यक्ष एवं डाइट प्राचार्य अनीता सागर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। शोध समिति की सचिव एवं डाइट की व्याख्याता अलका आचार्य ने बताया कि शिक्षकों में क्रियात्मक अनुसंधान को विकसित करने के उद्देश्य शासन के निर्देश अनुसार शोध समिति का गठन किया गया है, जिसमें वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में प्राचार्य लक्ष्मण सिंह मईडा जिला परियोजना समन्वयक मोहनलाल सासरी, वरिष्ठ व्याख्याता भंवरलाल सोनी, गणक तेजकुमार निनामा, खंड स्त्रोत समन्वयक पिपलोदा प्रदीपसिंह बेस, खंड एकेडमिक समन्वयक नीता त्रिवेदी, जन शिक्षक अंजुम खानम, माध्यमिक शिक्षक सत्येंद्र जोशी, प्राथमिक शिक्षक अंबाराम बोस को सदस्य नियुक्त किया।
शोध कार्य को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य –
शोध समिति की प्रथम बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि इस शोध कार्य का उद्देश्य जिले में शोध कार्य को बढ़ावा देकर गुणवत्तापूर्ण कार्य करवाना है तथा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को शैक्षिक क्रिया अनुसंधान के तरीकों में प्रशिक्षित करना, शिक्षकों को सीखने और सीखने की प्रक्रिया में समस्याओं का पता लगाने एवं एक्शन रिसर्च तैयार करने के लिए शिक्षको को प्रेरित करना, शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए शैक्षिक अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु शिक्षकों को प्रेरित करना।
25 विभिन्न शालाओं में शोध कार्य पूर्ण करेंगे शिक्षक –
शोध समिति के सचिव अलका आचार्य ने बताया कि जिले के चयनित 25 शिक्षकों द्वारा विभिन्न विद्यालयों में रैंडम चयनित शालाओं में अपना शोध कार्य पूर्ण करेंगे। चयनित शिक्षक फरवरी 2024 के अंत तक अपना शोध पूर्ण कर शोध समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। चयनित शोध को राज्य स्तर पर आयोजित कार्यशाला में प्रेषित किए जाएंगे। बैठक में वरिष्ठ व्याख्याता संगीता भट्ट, राजेंद्रराव भोगलेकर, शकील खानम भी बैठक में विशेष रूप से सहभागिता की।
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