– प्रदेश के टॉप 10 चिकित्सालय में बनाया अपना स्थान
– डॉ घनश्याम पाटीदार की देखरेख में हो रहा एनबीएसयू युनिट का संचालन
जावरा। विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा सेवा का विस्तार लगातार किया जा रहा हैं। विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय के अथक प्रयासों से जावरा को मिले महिला एवं बाल चिकित्सालय ने मध्यप्रदेश के टॉप 10 अस्पतालों में छठा स्थान प्राप्त किया हैं। स्वास्थ विभाग द्वारा जारी की गई आफिसियल सूची में रतलाम जिले का महिला एंव बाल चिकित्सालय का नाम दर्ज हैं।
जावरा विधायक डॉ पांडेय के अथक प्रयासों से प्रारम्भ हुए महिला चिकित्सालय के पास बाल चिकित्सालय में नवजात शिशुओं व बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संध्या बेलसरे के मार्गदर्शन में सीबीएमओ, सिविल हॉस्पिटल जावरा प्रभारी डॉ दीपक पालडिय़ा के निर्देशन में महिला व बाल चिकित्सालय जावरा का एनबीएसयू न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट ने प्रदेश के प्रथम दस एनबी एसयू में अपना छठा स्थान प्राप्त किया है।
उल्लेखनीय है कि जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पाण्डेय ने प्रयास से लगभग तीन करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बाल चिकित्सालय में जटिल रोगों का भी उपचार किया जा रहा है। प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने बताया कि राज्य शासन ने नवजात शिशुओं 0 से 28 दिन की मृत्यु दर को कम करने के लिए न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट बनाई। जावरा के एनबीएसयू में 160 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी रेट है, जबकि बेड ऑक्यूपेंसी रेट 50 प्रतिशत से ऊपर होना चाहिए। वहीं 120 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी रेट होने पर ही 100 प्रतिशत कहलाता हैं, जबकि जावरा हॉस्पिटल स्थित एनबीएसयू का बेड ऑक्यूपेंसी रेट इससे भी ऊपर है। यहां 608 बच्चे उपचारित है, जो कि 159 प्रतिशत से अधिक है। यहां पर प्रतिदिन बच्चों के रुकने का औसत 3.8 है। वर्तमान में डा घनश्याम पाटीदार शिशु रोग विशेषज्ञ की देखरेख में इसका संचालन किया जा रहा हैं। वर्तमान में एनबीएसयू में 4 रेडियंट वॉर्मर है ,यहां पर कम वजन वाले बच्चे, जन्म के समय नहीं रोने वाले बच्चे,कम स्तनपान करने वाले बच्चे,समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चे, सांस लेने में तकलीफ वाले बच्चे एवं अधिक ठंडा तथा गर्म वाले बच्चों को यहां भर्ती किया जाता है, जिन्हें हाइपर थर्मिया, हाइपो थर्मिया कहा जाता है। यहां पर दो फोटो थेरेपी मशीन है जिसके माध्यम से पीलिया वाले बच्चों को भर्ती कर उपचार किया जाता है, साथ ही एनबीएसयू में माताओं को स्तनपान कराने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। चिकित्सको द्वारा बाल चिकित्सालय में बेहतर उपचार प्रदान कर मानक स्तर में छटा स्थान प्राप्त करने पर विधायक डॉ पांडेय ने बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया है।





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