जावरा। विश्व पूज्य गुरुदेव गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सुरीश्वरजी की 197 वी जन्म जयंती एवं 117 वे स्वर्ग रोहन तिथि गुरु सप्तमी एवं राज राजेंद्र वाटिका गुरु मंदिर की 19 वीं वर्षगांठ एवं ध्वजारोहण महोत्सव के अंतर्गत श्री संघ एवं वाटिका ट्रस्ट द्वारा विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन साध्वी भगवंत डॉक्टर अमृतरसा श्रीजी आदि ठाणा 3 की पावन निश्रा में किया गया। साध्वी भगवंत ने गुरुदेव की महिमा का बखान करते हुए कहा की गुरुदेव ने जावरा की जिस पावन भूमि पर क्रियोद्धर किया था उसी पावन भूमि पर आज से 19 वर्ष पूर्व पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमदविजय जयंतसेन सुरीश्वर ने वाटिका तीर्थ पर गुरुदेव की प्रतिमा की स्थापना की थी।
श्रीसंघ मीडिया प्रभारी अरविंद जैन एवम अतुल सुराणा ने बताया की प्रात: स्नात्र पूजन एवं गुरुदेव के अभिषेक के पश्चात साध्वी जी के प्रवचन हुए गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेंद्र सुरीश्वरजी के मंदिर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम लाभार्थी चंपालाल सुमेरमल खीमावत की स्मृति में कंचन बहन अशोक दिनेश खीमावत परिवार खीमेल (मुंबई) द्वारा किया गया। श्रीसंघ का स्वामिवात्सल्य हुआ, दोपहर में गुरु पद महापूजन लाभार्थी बाबूलाल सागरमल चोरडिया परिवार बोरखेड़ा वाला के सौजन्य से संपन्न हुई शाम को श्री संघ का स्वामी वात्सल्य लाभार्थी बाबूलाल अतुलकुमार औरा (सुराणा) परिवार व श्रीसंघ के सौजन्य से हुआ रात्रि में संगीतमय गुरु भक्ति एवं 108 दीपक की आरती हुई, गुरुपद महापूजन के दौरान आगामी गुरुपद महापूजन का चढ़ावा एवं अष्टप्रकारी पूजन के वार्षिक चढावो की बोलियां लगाई गई। इस अवसर पर मनमोहन पाश्र्वनाथ मंदिर पर भोजनशाला के निर्माण का मुख्य लाभ लेने वाले लाभार्थी स्व. हीरालाल, संजय हेमंत चोपड़ा परिवार का श्रीसंघ द्वारा बहुमान किया गया, गुरु पद महापूजन एवं संगीत मयभक्ति गौरव जैन एंड पार्टी चोमेंहला द्वारा की गई। श्रीसंघ अध्यक्ष विजय आंचलिया, सचिव पारस सकलेचा, वाटिका ट्रस्ट अध्यक्ष इंदरमल दसेड़ा, सचिव सुरेश चोरडिय़ा आदि मौजुद रहे।


