– जावरा के पांच मेडिकल स्टोरों पर औषधि निरीक्षक की औचक जांच
जावरा । में मेडिकल स्टोरों की अचानक जांच से संचालकों में हड़कंप मच गया। औषधि निरीक्षक बलराम चौधरी ने पांच मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण कर दवाओं की खरीदी-बिक्री, नारकोटिक्स औषधियों, फार्मासिस्ट की उपलब्धता और रिकॉर्ड संधारण सहित कई बिंदुओं की जांच की। संचालकों को तीन दिवस में जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
औषधि निरीक्षक बलराम चौधरी द्वारा तहसील जावरा स्थित मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विश्वकर्मा मेडिकल, हर्ष मेडिकल, धाकड़ मेडिकल, रूनवाल केमिस्ट एवं पाटीदार मेडिकल की जांच की गई। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मेडिकल स्टोरों पर दवाओं के क्रय-विक्रय और उनके रख-रखाव की व्यवस्था को नियमानुसार सुनिश्चित करना रहा।
तीन दिवस में प्रस्तुत करना होगा दवाओं का रिकॉर्ड –
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की खरीदी एवं बिक्री से संबंधित जानकारी तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि में जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय की भी जांच –
औषधि निरीक्षण के दौरान नारकोटिक्स औषधियों की उपलब्धता तथा उनके क्रय-विक्रय की भी जांच की गई। इस दौरान संबंधित दवाओं के रिकॉर्ड और उनके संधारण की व्यवस्था को देखा गया। मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की बिक्री एवं रिकॉर्ड व्यवस्था में निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
लाइसेंस और फार्मासिस्ट की उपलब्धता पर जोर –
निरीक्षण के दौरान दुकानों पर औषधि लाइसेंस को उचित स्थान पर प्रदर्शित करने तथा मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने संचालकों को नियमों के अनुसार ही मेडिकल स्टोर संचालित करने की हिदायत दी।
एक्सपायरी दवाओं के लिए उचित व्यवस्था के निर्देश –
मेडिकल स्टोरों पर एक्सपायरी दवाओं के रख-रखाव और उनके निस्तारण की व्यवस्था की भी जांच की गई। साथ ही दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा ऐसी दवाओं को अन्य स्टॉक से अलग रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
स्टॉक रजिस्टर और दवाओं के रिकॉर्ड की जांच –
निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर और औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख के संधारण को लेकर भी निर्देश दिए गए। संचालकों को सभी रिकॉर्ड नियमानुसार और व्यवस्थित रूप से रखने के लिए कहा गया।
फ्रिज में रखी जाने वाली दवाओं के रख-रखाव की जांच –
जिन औषधियों को निर्धारित तापमान पर फ्रिज में रखना आवश्यक होता है, उनके उचित रख-रखाव और भंडारण व्यवस्था की भी जांच की गई। मेडिकल संचालकों को ऐसी औषधियों के लिए निर्धारित भंडारण व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए गए।
बिना पर्चे के शेड्यूल दवाओं की बिक्री नहीं करने की हिदायत –
औषधि निरीक्षक ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के शेड्यूल औषधियों का विक्रय नहीं किया जाए। साथ ही दवाओं के क्रय-विक्रय से जुड़े सभी आवश्यक अभिलेख नियमानुसार संधारित करने के निर्देश दिए गए।
नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई –
औषधि निरीक्षक द्वारा मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की बिक्री, रिकॉर्ड संधारण, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, एक्सपायरी दवाओं और शेड्यूल औषधियों से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। वहीं, निर्धारित समय में मांगी गई जानकारी प्रस्तुत नहीं करने अथवा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

