– उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त और बजट शाखा प्रभारी की मनमानी से परेशान सह प्राध्यापक
जावरा। शासकीय कन्या महाविद्यालय रतलाम से सेवानिवृत हुए जावरा निवासी डॉ मदनलाल गांगले ने उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत बजट शाखा प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि प्रभारी की लापरवाही से उनके चिकित्सा देयक का बजट आवंटित नहीं किया गया हैं। जबकि विगत दिनों क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें उज्जैन द्वारा चिकित्सा देयको के भुगतान की राशि 23 हजार 90 के कार्योतर स्वीकृति आदेश देने के पश्चात, उक्त राशि का बजट आवंटित करने हेतु प्राचार्य शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रतलाम द्वारा दिनांक 13 फरवरी 25 को बजट शाखा आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग सतपुड़ा भवन भोपाल को एक पत्र भी प्रेषित कर दिया था, उसके बाद दिनांक 20 मार्च 25 को भी इसी विषय में प्राचार्य शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रतलाम द्वारा बजट आवंटन हेतु उच्च शिक्षा आयुक्त को एक पत्र और प्रेषित किया गया हैं।
सह प्राध्यापक डॉ गांगले की यह समस्या समाचार पत्रों में भी प्रमुखता से छपी लेकिन उसके बाद भी भी अब तक बजट शाखा प्रभारी के ढुलमुल रवैय्ये के चलते उक्त राशि का बजट स्वीकृति आदेश नहीं आया हैं। जबकि इस मामले को तीन माह से अधिक का समय बीत गया हैं, इससे ऐसा लगता हैं कि बजट शाखा प्रभारी की इस मामले कोई जिम्मेदारी नहीं हैं। डॉ गांगले ने पुन: आयुक्त उच्च शिक्षा और मुख्यमंत्री कार्यालय को एक पत्र लिखकर इस और ध्यान देने का निवेदन करते हुए शीघ्रताशीघ्र बजट स्वीकृति आदेश भेजे जाने की मांग की हैं। डॉ गांगले ने यह भी कहा है कि उनके पहले के बजट आवंटन को लेकर बजट प्रभारी द्वारा घोर लेटलतीफी की गई थी, जब उनके द्वारा उक्त बजट प्रभारी की शिकायत लिखित में उच्च शिक्षा आयुक्त और विशेष सचिव उच्च शिक्षा मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के साथ ही सीएम हेल्प लाईन पर की गई थी। जिसके बाद यह शिकायत वर्तमान में मॉनिट सी लेवल तक पहुंच गई हैं, उसके बाद भी अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई हैं। जिससे परेशान होकर सह प्राध्यापक डॉ गांगले द्वारा मुख्यमंत्री एवं आयुक्त उच्च शिक्षा को पुन: पत्र लिखकर बजट की मांग की हैं।


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