– रतलाम जिले में ताल, सरवन, बांगरोद में सीएम ने की सभा, लेकिन जावरा आकर भी बगैर रोड़ शो या सभा किए लोट गए
– मंगलवार को भी शाम को रतलाम से मंदसौर बाय रोड़ गए लेकिन रुकना और कार्यकर्ताओं से मिलना तक नहीं समझा मुनासीब
जावरा। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण का मतदान आगामी 13 मई को होना हैं, रतलाम, मंदसौर के साथ उज्जैन संसदीय क्षैत्र की लोकसभा सीटों पर भी इसी तारिख को मतदान होना हैं, चुनावी प्रचार अब लगभग अंतिम दौर में पहुंच गया हैं ऐसे में भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील भाजपा के छोटे से कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश के मुखिया तक कर रहे हैं। लेकिन जावरा विधानसभा के साथ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का सोतेला व्यवहार कहीं भाजपा प्रत्याशी को भारी ना पड़ जाए, सीएम डॉ मोहन यादव ने रतलाम जिले के ही ताल, सरवन और बांगरोद जैसे छोटे कस्बों में सभाए ली, मंदसौर, नीमच के गरोठ और भानपुरा में भी रोड़ शो और सभाए करेंगे, लेकिन जावरा में सीएम यादव ने ना तो रोड़ शो किया और ना ही किसी आमसभा को सम्बोधित किया। जबकि गत 2 मई को सीएम जावरा आए भी थे, लेकिन ना तो सामान्य कार्यकर्ताओं से मिले और ना ही कोई बैठक ली, केवल हेलीकाप्टर से आए बोहरा समाज के धर्मगुरु से मिले और वापस लोट गए। ऐसे में सीएम के इस व्यवहार से जावरा की आम जनता के मन में खासी नाराजगी हैं।
मंगलवार को भी बगैर रुके निकल गए सीएम –
मंगलवार को सीएम डॉ यादव ने रतलाम झाबुआ संसदीय सीट पर जिले के गांव सरवन और बांगरोद में सभाए लेकर शाम को बाय रोड़ जावरा होकर मंदसौर की और निकले, लेकिन जावरा में पांच मिनीट रुककर भी किसी कार्यकर्ता से चर्चा तक करना मुनासीब नहीं समझा। ऐसे में जावरा के साथ सीएम डॉ यादव का यह सोतेला व्यवहार कहीं भाजपा के प्रत्याशी पर भारी ना पड़ जाए।


