– दस माह पहले रतलाम में महिला के पति ने किया था सुसाईड
– सुसाईड की वजह उसकी पत्नी को मानता था जेठ
– आरोपी जेठ पुलिस की हिरासत में, परिजनों ने शव लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
– आरोपी जेठ का मकान तोडऩे तथा आरोपी की पत्नी और सास को गिरफ्तार करने तथा आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे समाजजन
– एसडीएम ने रेडक्रास से दिलवाई अन्त्येष्ठी सहायता राशि
जावरा। रतलाम जिले के ढोढर में एक व्यक्ति ने अपने छोटे भाई की पत्नी को अपने भाई की आत्महत्या की वजह मानते हुए पहले उसे लोहे की रॉड से पीटा और फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जला कर मार डाला। महिला को जिंदा जलाए जाने की खबर से पुरे क्षैत्र में सनसनी फैल गई तथा सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया। इधर पोस्ट मार्टम के बाद समाजजन महिला के शव को लेकर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे और आरोपी जेठ का मकान तोडऩे के साथ ही आरोपी की पत्नी, मां को भी गिरफ्तार करने तथा आर्थिक सहायता दिलवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। मामले में तहसीलदार और एसडीओपी ने पहुंचकर कार्रवाई करने तथा आर्थिक सहायता का प्रकरण बनाकर शासन स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया। वहीं एसडीएम ने रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से अन्त्येष्ठी के लिए आर्थिक सहायता दिलवाई। जिसके बाद कहीं जाकर समाजजन माने और शव को लेकर निकले।
एसडीओपी शक्तिसिंह चौहान ने बताया कि ढोढर निवासी निर्मलाबाई पति प्रकाश के साथ शनिवार को सुबह उसके जेठ सुरेश पिता शंभुलाल बलाई ने पहले लोहे की रॉड से मारपीट की और जब वह बेहोश होकर गिर गई तो उसे घर के बाहर ले जाकर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। निर्मला को जिंदा जलाकर मारने की खबर समुचे क्षैत्र में आग की तरह फैल गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी जेठ सुरेश को गिरफ्तार किया। एसडीओपी ने बताया कि निर्मला के पति प्रकाश ने करीब 10 माह पूर्व रतलाम में सुसाईड कर लिया था। जिसके बाद सुरेश अपने छोटे की सुसाईड की वजह निर्मला को मान कर उसे आए दिन प्रताडि़त करते रहता था। इसी कड़ी में शनिवार को भी सुरेश ने निर्मला के साथ मारपीट की थी और उस पर पेट्रोल डालकर उसे जला दिया। जलने से बॉडी तरह से झुलस गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पीएम के लिए जावरा सिविल हास्पीटल भिजवाया।
शव लेकर समाजजन पहुंचे एसडीएम कार्यालय धरने पर बैठे –
पीएम के बाद शव को लेकर समाजजन व परिजन सीधे अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे और आरोपी सुरेश का मकान तोडऩे की मांग तथा परिवार को आर्थिक सहायता राशि दिलवाने के साथ आरोपी की पत्नी मंजु तथा उसकी मां को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। जिस पर तहसीलदार लीना जैन, एसडीओपी शक्तिसिंह चौहान, औद्योगिक क्षैत्र थाना प्रभारी ओपीसिंह तथा रिंगनोद थाना प्रभारी पीआर डावरे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और समाजजनों से चर्चा की। तहसीलदार ने परिजनों से कहा कि आर्थिक सहायता के लिए प्रकरण शासन स्तर पर भेजा जाएगा। एसडीओपी ने कहा कि प्रकरण में अभी कथन बाकी है, कथन होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
रेडक्रास के माध्यम से दिलवाई आर्थिक सहायता –
एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे परिजनों को आर्थिक सहायता दिलवाने तथा आरोपियों की संपत्ती का ब्योरा मिलने के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने के आश्वासन के बाद एसडीएम अनिल भाना ने परिजनों को अन्त्येष्ठिी के लिए रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की बात कही। जिस पर रेडक्रास सोसायटी कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने समाजजनों को दस हजार रुपए की अन्त्येष्ठी सहायता राशि प्रदान की। जिसके बाद परिजन व समाजजन शव को लेकर ढोढर पहुंचे।



