– कमला नेहरु केन्द्र पर इंट्री के बाद सीधे दो घंटे बाद बजाई बेल
– ना डीईओ ध्यान दे रहे ना ही बीईओ
जावरा। माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेण्डरी की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से प्रारंभ हुई, मंगलवार को हिन्दी माध्यम वाले बच्चों का हिन्दी भाषा का पर्चा हुआ तो अंग्रेजी माध्यम वाले बच्चों का अंग्रेजी भाषा का पहला पेपर हुआ। जावरा में हायर सेकेण्डरी परीक्षा को लेकर बनाए गए परीक्षा केन्द्रों पर पहले ही दिन लापरवाही देखने को मिली, परीक्षा केन्द्रों पर नियम विरूद्ध काम हुए, मॉडल स्कूल पर पहले तो पेपर बांटने में देरी हुई, वहीं इसी सेंटर पर एक प्राथमिक शिक्षिका की डयूटी परीक्षा प्रर्यवेक्षक के रुप में लगाई गई, लेकिन जिस कमरे में शिक्षिका की ड्यूटी लगाई गई थी, उसी कमरे में उसकी बेटी भी परीक्षा दे रही थी। जबकि यह सरासर नियमों के विरूद्ध हैं। लेकिन इस और ना तो स्थानीय बीईओ ने ध्यान दिया और ना ही डीईओ ने, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पहले दिन हुई घोर लापरवाही पर कोई खास एक्शन भी नहीं लिया।
बेटी के कमरे में लगाई मां की ड्यूटी –
शहर के मॉडल स्कूल में बनाए गए परीक्षा केन्द्र में माध्यमिक शिक्षा मंडल के नियमों की सरे आम धज्जियां उडाई गई। पहले तो यहां कुछ कमरों में बच्चों को करीब 20 मिनट देरी से पेपर वितरित किए गए। वहीं इसी सेंटर पर एक और घोर लापरवाही बरती गई, विश्वस्त सूत्रों की माने तो प्राथमिक विद्यालय भीमाखेड़ी पर पदस्थ शिक्षिका रेणुका अग्रवाल की ड्यूटी मॉडल स्कूल में लगाई गई थी, वहीं इसी परीक्षा केन्द्र पर उनकी बेटी प्रगति अग्रवाल भी परीक्षा देने पहुंची थी। इतना ही नहीं जिस रूम में प्रगति ने परीक्षा दी, उसी कक्ष में उसकी मां की ड्यूटी लगाई गई। वहीं सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि मां ने बेटी को पर्चा हल करने में पूरी मदद की। लेकिन इस और ना तो केन्द्राध्यक्ष ने ध्यान दिया और ना ही अन्य किसी जवाबदार अधिकारी ने।
इंट्री के बाद सीधे दो घंटे बाद बजाई बेल –
हायर सेकेण्डरी की परीक्षा के लिए जावरा का शासकीय कमला नेहरु कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को भी परीक्षा केन्द्र बनाया गया था। यहां प्रात: विद्यार्थियों की इंट्री के लिए तो समय पर बेल लगाई गई। लेकिन इंट्री की बेल के बाद सीधे दो घंटे बाद बेल बजाई गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब बच्चे बाहर निकले तो उन्होने प्रतिनिधि को बताया कि नियम अनुसार इंट्री के बाद प्रत्येंक घंटे की बेल बजाई जाती हैं और परीक्षा के दौरान बच्चों को समय की सूचना दी जाती हैं, लेकिन इस सेंटर पर इंट्री के बाद सीधे दो घंटे बाद बेल बजाई गई। जिससे बच्चे कन्फ्यूज हो गए। दो घंटे बाद बेल बजी तो बच्चों को लगा कि अभी एक घंटा ही हुआ हैं, तो बच्चे आराम से लिखते रहे। समय हुआ तो पर्यवेक्षकों ने पेपर कॉपी ले ली, ऐसे में कई बच्चे पेपर पुरा नहीं लिख पाए।
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