– मंडी में हुए करोडों रुपए के निर्माण कार्यो में भ्रष्टाचार कर लगाया गया मंडी प्रशासन को चुना
जावरा। एशिया की टॉप मंडियों में शामिल जावरा की अरनीयापीथा कृषि उपज मंडी में हुए करोड़ो के निर्माण कार्यो में भारी भ्रष्टाचार हुआ हैं। मंडी के ही इंजिनियर ने मंडी प्रशासन को करोड़ो का चुना लगाते हुए भ्रष्टाचार किया हैं। इसका जिता जागता उदाहरण गुरुवार को अरनीयापीथा मंडी प्रांगण में देखने को मिला। मंडी में बने गोदामों तथा ड्रेनेज से निकलने वाले पानी के लिए मंडी प्रशासन ने इंजिनियर प्रभाकर रूनिज की देखरेख में नाला निर्माण किया था। करीब 60 लाख रुपए की लागत से इस नाले का निर्माण किया गया था, लेकिन निर्माण से लेकर अब तक यह नाला विवादों से ही घीरा रहा हैं, इस नाले में पानी की निकाली वितरित दिशा में होती हैं। मंडी व्यापारियों की माने तो नाले का पानी जिस दिशा में बहना चाहिए, उस दिशा में पानी ना बहते हुए उल्टी दिशा में पानी बहता हैं, जिससे परेशानी आती हैं, इस नाले को लेकर कई बार मंडी सचिव और मंडी प्रशासन को शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, ऐसे में अब मंडी प्रशासन ने दोबारा से इस नाले को सही करने का काम शुरु किया हैं, जिससे यह बात तो स्पष्ट हो गई कि इस नाला निर्माण के दौरान जमकर भ्रष्टाचार हुआ था।
प्रबंध संचालक ने भी की अनसुनी –
मंडी व्यापारी ने बताया कि नाला निर्माण के साथ ही कई और निर्माण कार्यो में हुए भ्रष्टाचार को लेकर मंडी सचिव के साथ ही मंडी के प्रबंध संचालक को भी कई बार इंजिनियर की शिकायत की गई, लेकिन ना तो सचिव ने इस विषय में कोई कार्रवाई की और ना ही प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड ने ही इन शिकायतों को गंभीरता से लिया। ऐसे में इंजिनियर द्वारा मंडी प्रशासन को करोड़ों का चुना लगाया जा रहा हैं। लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही हैं। मंडी में 60 करोड़ में बने इस नाले को पुन: सुधार करने हेतु जारी निर्माण कार्य की तस्वीरे गुरुवार को सोशल मीडिया पर भी जारी की गई हैं।

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