– नेताओं की तरह कुर्सी पर नहीं, आम जनता के साथ दरी में बैठुंगा
– घोड़ारोज से जिस दिन किसी नेता का एक्सीडेंट होगा उस समझ आएगी तकलीफ
जावरा। नेता कुर्सी में बैठते हैं और आप लोग नीचे बैठते हैं वह व्यवस्था भी हम खत्म कर देंगे। पांच साल बाद मैंं वोट मांगने नहीं आऊंगा आप खुद वोट देंगे काम ऐसा करके बताऊंगा। जो नेता केवल चुनाव के टाइम पर वोट मांगने आता है उनको नकारना है और जो 75 सालों से कुछ नहीं कर पाए उनको भी नकारना है। यदि आपने मुझे काम करने के लिए 5 साल दिए तो ऐसा काम करके बताऊंगा कि जावरा का नाम पूरे मध्य प्रदेश में नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान में जावरा विधानसभा की लोग मिसाल देंगे। विधायक बनने के बाद में विधायक के जो दायित्व होते हैं उन सभी का में निर्वहन करूंगा। घोड़ारोज से किसानों की कितनी फसल बर्बाद होती है, कितने लोग घोड़ारोज के कारण एक्सीडेट में घायल होते है ये किसी नेता को पता नहीं है, जिस दिन घोड़ारोज ने किसी नेता की फसल नष्ट की या किसी नेता का एक्सीडेंट हुआ उस दिन इन नेताओं को समझा आएगी और तब शायद से इनका निराकरण करेंगे।
यह बात करणी सेना परिवार के मुखिया तथा जावरा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रुच में चुनावी रण में उतरे जीवनङ्क्षसह शेरपुर ने शनिवार को विधानसभा क्षेत्र के माननखेडा, पिपलिया जोधा, ताराखेड़ी, पीपलोदी, हनुमंतिया, पंतमेलकी, रणायरा गुर्जर, मोरिया में जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहीं। शेरपुर ने मोरिया और ढोढर में शनिवार को चुनाव कार्यालय का शुभारंभ भी किया। किया। रविवार को जीवनसिंह जावरा शहर के बालाजी मंदिर चौपाटी से गांधी कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, मित्र नगर, व अन्य जगह जनसंपर्क करेंगे। शनिवार को सुबह जनसंपर्क शुरू करने से पहले रूपनगर फंटे पर स्थित हनुमान जी के दर्शन कर मंगलदास महाराज का आशीर्वाद लिया।
तीन पदाधिकारियों ने छोड़ी कांग्रेस, जीवनसिंह को दिया समर्थन –
शनिवार को अल्पसंख्यक मोर्चा के जावरा विधानसभा के अध्यक्ष मोहम्मद उमर भाई, आबिद खान व अयूब खान ने कांग्रेस छोड़कर निर्दलीय प्रत्याशी जीवन सिंह शेरपुर को समर्थन दिया।


