– राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, कमिश्नर तथा जिला कलेक्टर को भी मामले में बनाया पार्टी
– जावरा तहसीलदार के नामांतरण आदेश से असंतुष्ट होकर फरियादी ने अभिभाषक के मार्फत न्यायालय में दायर किया वाद
जावरा। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी तहसीलदार को अयोग्य घोषित करने के लिए किसी फरियादी की और से किसी अभिभाषक ने न्यायालय में वाद दायर किया हैं। इतना ही नहीं तहसीलदार के साथ राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, संभागायुक्त तथा जिला कलेक्टर को भी मामले में पार्टी बनाया हैं। न्यायालय ने उक्त वाद को स्वीकार करते हुए प्रमुख सचिव से कमिश्नर, कलेक्टर और तहसीलदार को नोटिस भी जारी कर दिया हैं। प्रकरण में आगामी 29 अप्रैल को मामले में सुनवाई भी प्रस्तावित हैं। वहीं राजस्व विभाग के विशेषज्ञों की माने तो नामांतरण के मामले में तहसीलदार पटवारी मौज की रिपोट पर ही नामांतरण फाईल पर हस्ताक्षर करते हैं। ऐस में इस मामले में कोन दोषी हैं, यह जांच का विषय हैं।
बामनखेड़ी निवासी बाबु खाँ पिता फरीद खॉ एवं मोहम्मद खॉ पिता फरीद खाँ की ओर से अभिभाषक ओमप्रकाश बघेरवाल जावरा ने प्रमुख सचिव राजस्व मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल, आयुक्त उज्जैन संभाग, उज्जैन एवं म.प्र.राज्य द्वारा कलेक्टर रतलाम के साथ जावरा तहसीलदार संदीप ईवने के विरूद्ध न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया हैं। न्यायालय में दायर किए वाद में बताया कि ग्राम बामनखेडी में भुमि सर्वे कमांक 192 रकबा 0.152, सर्वे कमांक 277 रकबा 0.063 सर्वे कमांक 278/1 रकबा 1.101, सर्वे कमांक 279 रकबा 1.632, सर्वे क्रमांक 281 रकबा 0.625 स्थित होकर यह भुमि उक्त बाबु खॉ एवं मोहम्मद खाँ के स्वामित्व व आधिपत्य की है ओर यह भुमि बाबु खाँ एवं मोहम्मद खाँ द्वारा अपनी माता के नाम नुरजहाँ बी के नाम से वर्ष 1968-69 में क्रय की थी ओर इसके पश्चात इस पर मकान बना कर निवास करते चले आ रहे है।
फर्जी वसीयत के आधार पर कर दिया नामांतरण –
वाद में बताया कि उक्त भुमि से वादी की बहन हसीना, जमीला बी, मुन्नी बी का कोई संबंध नही है ओर यह अपने अपने ससुराल में रह रही है। लेकिन मुन्नी बी के स्वर्गवास के लगभग 5 वर्ष पश्चात गुन्नीबी के पुत्र द्वारा फर्जी वसीयत के आधार पर तहसीलदार जावरा के न्यायालय में नामान्तरण की कार्यवाही की थी। जिसका प्र.क्र. 169616/2023-24 होकर इस प्रकरण में उक्त बाबु खाँ एवं मोहम्मद खॉ द्वारा आपत्ति प्रस्तुत की, जिस पर से तहसीलदार जावरा द्वारा दिनांक 30-01-2024 को आदेश पारित करते हुए उक्त नामान्तरण कार्यवाही निरस्त कर दी गई। उक्त तथ्यो को छुपाते हुए मुन्नीबी के पति भुरूखों एवं उसके पुत्र-पुत्री द्वारा पुन: नामान्तरण के लिये तहसीलदार जावरा को आवेदन प्रस्तुत किया, जिसका प्र.क. 298636/2023-24 दर्ज हुआ ओर इस प्रकरण में तहसीलदार द्वारा बाबु खॉ एवं मोहम्मद खॉ जो कि अभिलिखीत भुमि स्वामी है को व्यक्तिगत रूप से सुचना दिये बिना दिनांक 22-07-2024 को नामान्तरण करने का आदेश पारित कर दिया। जबकि पूर्व में इनका नामान्तरण आवेदन निरस्त हो चुका था।
आपत्ती के बाद एसडीएम कोर्ट में की थी अपील –
उक्त आदेश की जानकारी बाबु खॉ एवं मोहम्मद खाँ को होने पर इनके द्वारा तत्काल अनुविभागीय अधिकारी जावरा को अपील प्रस्तुत की जिसका प्र.क्र. 164 अपील/2024-25 होकर अपील विचाराधीन होकर नामान्तरण आदेश दिनांक 22-06-2024 अंतिम नही हुआ है ओर उक्त भुरूखों व उसके पुत्र पुत्री का कोई स्वत्व, हित व कब्जा नही होते हुए अवैध नामान्तरण के आधार पर इनके द्वारा दिखावटी रूप में दिनांक 23-01-2024 279 रकबा 1.632 में से रकबा 0.506 हेक्टेयर भूमि का विक्रय पत्र दिनांक 23-01-2025 को तबस्सुम बी पति मोहम्मद सलीम एवं सलमा बी पति जफर मेव के नाम निष्पादित कर दिया, जिसकी जानकारी होते ही बाबु खॉ एवं मोहम्मद खॉ ने तहसीलदार जावरा एवं पटवारी मौजा प्रवीण जैन को आपत्ति प्रस्तुत की ओर साथ ही न्यायालय जावरा में वाद दायर किया। जो विचाराधीन हैं।
अवैध विक्रय पत्र के आधार पर कर दिया नामांतरण-
वाद में अभिभाषक ने बताया कि तहसीलदार जावरा को उपरोक्त समस्त तथ्यों की जानकारी होते हुए इनके द्वारा बाबु खॉ एवं मोहम्मद खाँ को व्यक्तिगत रूप से कोई सुचना दिये बिना एवं नामान्तरण नियमो का पालन किये बिना जानबुझकर इसकी अवहेलना करते हुए जल्दबाजी में दिनांक 09-04-2025 को अवैध विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण आदेश पारित कर दिया। जिसके विरूद्ध वरिष्ठ न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई है, जबकि विधि अनुसार अभिलिखीत भुमि स्वामी को व्यक्तिगत रूप से सुचना देना आवश्यक है। लेकिन उक्त विधि का पालन किये बिना सम्पूर्ण कार्यवाही उपरोक्त क्रेता पक्ष को लाभ पहुँचाने के लिये की गई है।
इसलिए योग्य नहीं हैं न्यायिक कार्य हेतु तहसीलदार –
अभिभाषक बघेरवाल ने वाद में बताया कि तहसीलदार द्वारा जानबुझकर विधि प्रक्रियाओ का पालन नहीं किया गया ओर न्यायिक प्रक्रिया का दुरूपयोग किया गया है। जिस पर से उक्त बाबु खॉ एवं मोहम्मद खाँ द्वारा न्यायालय में दिनांक 21-04-2025 को वाद प्रस्तुत किया कि तहसीलदार संदीप ईवने साहब न्यायिक कार्य करने योग्य नही हैं। यह घोषित किया जावे, जिसका वाद क्रमांक आरसीएसए 98/2025, एमपी430500108752025 होकर उपरोक्त व्यक्तियो के विरूद्ध नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया तथा आगामी पेशी दिनांक 29-04-2025 नियत की गई।
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