– क्षैत्र 9 हजारों उपभोक्ताओं मे से साढ़े 4 हजार ने नहीं भरे पानी के बील
– 300 उपभोक्ताओं ऐसे जिन पर 10 हजार से अधिक राशि बकाया
– नपा ने अब तक 50 कनेक्शन काटे, मंगलवार को भी तीन कनेक्शन उडाए
– लोक अदालत में करीब 120 उपभोक्ताओं ने जमा किए थे 7 लाख
जावरा। नगर पालिका जावरा की माली हालत ठीक नहीं है, इसका कारण है उपभोक्ताओं द्वारा समय पर बकाश राशि जमा नहीं करना, शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराना नगर पालिका का काम है, लेकिन यदि शुद्ध पेयजल के बदले जनता नगर पालिका द्वारा दिए गए बील का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिसमें चलते करीब साढ़े 4 हजार उपभोक्ताओं पर पेयजल की राशि का बिल बकाया है। जिनकी राशि करीब 90 लाख रुपए है, वहीं करीब 300 उपभोक्ता ऐसे है जिन पर करीब 10 हजार से अधिक के बील बाकी है। शहर में कई ऐसे उपभोक्ता है, जो पेयजल तो ले रहे है, लेकिन बिल का भुगतान नहीं कर रहे है, ऐसे में अब जब नगर पालिका की माली हालत भी काफी नाजुक है तो अब नपा ने सख्ती बरतना शुरु कर दी है। नगर पालिका ने पानी के बकाया बीलों को लेकर उपभोक्ताओं को सूचना पत्र भेजे, लोक अदालत में भी कई प्रकरण निपटाए लेकिन इसके बावजूद भी कई ऐसे उपभोक्ता है तो अब भी पानी के बील का भुगतान नहीं कर रहे है, ऐसे में अब नगर पालिका ने बकायादारों के नल कलेक्शन काटना प्रारंभ कर दिया है। नगर पालिका अब तक करीब 50 नल कनेक्शन काट चुकी है, मंगलवार को भी 3 लोगों के कनेक्शन काटे गए।
नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया ने बताया कि जावरा शहर में कुल 9 हजार उपभोक्ता है, जिसमें से करीब साढ़े 4 हजार उपभोक्ताओं पर पेयजल के बीलों की करीब 90 लाख रुपए की राशी बकाया है। जिनमें से करीब 300 उपभोक्ता ऐसे है जिन पर करीब 10 हजार की राशि बकाया है। अनुमानित करीब 50 से अधिक लोगों के कनेक्शन काटे गए है। लोक अदालत मे लगाए गए प्रकरणों के तहत करीब 120 लोगों से करीब 7 लाख की राशि वसुल की है। वहीं प्रतिमाह वसुली भी जारी है, बकायादारों को प्रतिमाह सूचना पत्र भेजे जाते है। कई बार सूचना पत्र भेजने के बाद भी उपभोक्ताओं द्वारा बील की राशि प्रदान नहीं की जा रही है, जिसके चलते अब नपा को सख्ती का रुख अपनाते हुए बकायादारों के नल कलेक्शन काटने का काम करना पड़ रहा है।


