जावरा। अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक ऋषि श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रज्जवलित अखंड दीप (1926) एवं शक्ति स्वरूपा माता भगवतीदेवी के जन्म शताब्दी (2026) मौके पर संपूर्ण भारत में ग्राम तीर्थ यात्राएं निकाली जा रही है।
इसी कड़ी गायत्री परिवार जावरा द्वारा भी जावरा-पिपलोदा तहसील की ग्राम पंचायतों में ग्राम तीर्थ यात्रा का शुभारंभ किया। वैदिक ऋचाओं के उद्घोष के साथ ही गगनभेदी जय घोष की बीच श्रद्धालुओं से पूजन कराते हुए यात्रा प्रारंभ की गई। मालूम हो कि यह आध्यात्मिक यात्रा तो है ही लेकिन इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना करना, शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार, रीतियों का पालन, कुरूतियों,ढिवादिता, अंधविश्वास जैसी प्रथाएं बंद हो, धर्म तंत्र से लोक शिक्षण के माध्यम से जन मानस में नई विचार क्रांति लाना है। इसके साथ ही तंबाकु, गुटखा, पाऊच के बढते चलन को रोकते हुए व्यसन मुक्त समाज की स्थापना करना, स्वच्छता, परियावरण, कटते जंगल, नष्ट होती हरियाली को बचाने के लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण, जल-संवर्धन जैसे महत्त्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी से सामान्य जनमानस को मानसिक रूप से तैयार करना यात्रा का मूल उद्देश्य है। 
यात्रा संयोजक व प्रबंध ट्रस्टी संजय गुप्ता ने बताया कि दस दिन में जावरा-पिपलोदा तहसील की 90 ग्राम पंचायतों में यात्रा ने भम्रण किया। इस पवित्र जनहितैषी यात्रा में बहादुरसिंह सोनगरा, राधेश्याम बोडाना, शंकरलाल पांचाल, राधेश्याम धनोतिया, चंद्रशेखर, समरथ टेलर आदि उपस्थित थे। गायत्री परिवार ट्रस्ट द्वारा सभी सहयोगी परिजनों का आभार व्यक्त किया।




