जावरा। मध्यप्रदेश सकल अनाज दहलन-तिहलन व्यापारी महासंघ समिति के आव्हान पर कृषि उपज मंडी समिति के समस्त व्यापारीगण अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। इस बीच डॉ. काटजू मंडी व्यापारी संघ ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम के नाम मंडी सचिव को ज्ञापन दिया। बताया कि मंडी समितियों में पूर्व से आवंटित भूमि पर संवरचना आवंटन नियम 2009 लागु नही किया जाए। वहीं कलेक्टर गाईड लाईन से लीज दरों का निर्धारण नही करते हुए नामिनल दरे करे। इसके साथ ही निराश्रित शुल्क समाप्त कर मंडी फीस दर 1 प्रतिशत करने तथा मंडी अधिनियम की धारा 19(2), 19(4) एवं धारा 46(ड), 46(च) में संशोधन कर लायसेंस प्रतिभूति अनिवार्यता हटाए जाने की मांग की। साथ ही वाणिज्यिक संव्यवहार की पृथक अनुज्ञप्ति व्यवस्था एवं निर्धारित फीस 25 हजार समाप्त कर 5 हजार करने, मंडी समितियों को धारा 17(2)(14) एवं 30 में प्रदत्त शक्तिया यथावत रखने, कृषक खरीदी प्रतिभूति बढाने के दबाव पर रोक, विक्रेता की जोखिम पेटे नवीन प्रतिभूति जमा कराए जाने पर जमा पुरानी प्रतिभूति निर्धारित अवधि में वापस की जाना सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही धारा 23 के अंतर्गत गाडियों को रोकने की शक्ति प्रावधान की परीधी के बाहर जाकर मंडी बोर्ड कार्यालय स्तर से गठित किए जाने वाले जांच दलों पर रोक लगाने की मांग व्यापारियों ने सीएम से की। इस मौके पर अध्यक्ष अजीत चत्तर, सचिव संजय सेठिया, दिलीप दसेड़ा, दिलीप धनोतिया, प्रदीप दसेड़ा, विरेन्द्र सिसोदिया, निलेश टुकडिया, विकास जैन, अमित चौरडिया, रमणीक जैन, सुनील चपडोद आदि व्यापारीगण उपस्थित थे।

