– जेपीएस किड्स प्री-स्कूल में कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन, पारंपरिक गुजराती गीतों पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर किया गरबा
जावरा। जावरा पब्लिक स्कूल एवं जेपीएस किड्स प्री-स्कूल में नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के लिए गरबा महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास, उमंग और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। काठियावाड़ी पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों और शिक्षकों ने गुजराती गीतों की मधुर धुनों पर गरबा कर उत्सव को यादगार बना दिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के महत्व से परिचित कराने के साथ उनमें सामूहिक सहभागिता एवं सांस्कृतिक मूल्यों की भावना विकसित करना था।
गरबा महोत्सव से पहले हुआ कन्या पूजन एवं कन्या भोज –
गरबा महोत्सव से एक दिन पूर्व नर्सरी से कक्षा दूसरी तक के विद्यार्थियों के लिए कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति में कन्याओं के सम्मान, श्रद्धा और महत्व के बारे में बताया गया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कारों को समझने का अवसर प्रदान किया।
काठियावाड़ी वेशभूषा में नजर आए विद्यार्थी और शिक्षक –
इस वर्ष गरबा महोत्सव की विशेष थीम ‘काठियावाड़ी पारंपरिक वेशभूषाÓ रखी गई थी। इस अवसर पर नन्हे विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी आकर्षक और रंग-बिरंगी काठियावाड़ी पोशाकें धारण कीं। पारंपरिक आभूषणों, आकर्षक सिर के आभूषणों और सुंदर साज-सज्जा से विद्यालय परिसर उत्सव के रंगों में रंगा नजर आया। बच्चों की मनमोहक वेशभूषा और उत्साह ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी।
पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुआ शुभारंभ –
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के असेंबली ग्राउंड में सामूहिक पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक श्री एवं श्रीमती कमल मूणत तथा प्राचार्य डॉ. पीयूष मूणत ने विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती संपन्न की। इसके पश्चात गरबा महोत्सव की शुरुआत हुई और सभी उत्साहपूर्वक गरबा स्थल की ओर बढ़े।
गुजराती गीतों पर बच्चों ने किया गरबा –
गरबा नृत्य का शुभारंभ सबसे पहले जेपीएस किड्स प्री-स्कूल एवं प्री-प्राइमरी के नन्हे विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के साथ किया। इसके बाद निर्धारित कक्षावार क्रम में विद्यार्थियों ने गरबा नृत्य में भाग लिया। पारंपरिक गुजराती गीतों की मधुर धुनों पर बच्चों और शिक्षकों ने एक साथ गरबा कर उत्सव का आनंद लिया। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे बच्चों के कदमों की थिरकन, पारंपरिक गरबा की लय और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। विद्यार्थियों ने उत्साह और सामूहिक सहभागिता के साथ अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाया। शिक्षकों ने भी बच्चों के साथ गरबा कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें भारतीय लोक-संस्कृति से जुडऩे का अवसर दिया।
सांस्कृतिक विरासत और एकता का दिया संदेश –
गरबा महोत्सव ने विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक वेशभूषा और सामूहिक उत्सवों की महत्ता समझने का अवसर प्रदान किया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यालय परिसर में एकता, उल्लास, सांस्कृतिक चेतना और आपसी सहयोग का संदेश प्रसारित हुआ। जावरा पब्लिक स्कूल एवं जेपीएस किड्स प्री-स्कूल का यह आयोजन बच्चों के लिए आनंद, उत्साह और सांस्कृतिक अनुभवों से परिपूर्ण रहा। नन्हे विद्यार्थियों की खिलखिलाहट, शिक्षकों की सहभागिता और गुजराती संगीत की मधुर धुनों ने गरबा महोत्सव को सभी के लिए यादगार बना दिया।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

