– पारंपरिक वेषभुष से सजे विद्यार्थियों ने गरबा रास कर मनाया शक्ति की भक्ति का त्यौहार
जावरा। महावीर जैन नेशनल स्कूल, जावरा में चार दिवसीय नवरात्रि महोत्सव भक्तिभाव, उत्साह और रंगारंग गरबा प्रस्तुतियों के साथ मनाया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों ने गरबा और रास की शानदार प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर को उत्सवमय बना दिया। ‘माँ अम्बेÓ भजन, पारंपरिक गरबा गीत ‘पंखिड़ाÓ और बॉलीवुड फ्यूजन गरबा ने आयोजन में चार चाँद लगा दिए।
महोत्सव के दौरान विशेष नवरात्रि प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से माँ दुर्गा की आराधना की। पारंपरिक गरबा और रास में भारतीय लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली, वहीं बॉलीवुड फ्यूजन गरबा ने परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
‘महिषासुर वध’ नाटिका बनी आकर्षण का केंद्र –
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘महिषासुर वधÓ नाटिका रही। प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से विद्यार्थियों ने माँ दुर्गा की शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चार दिनों तक चले इस महोत्सव में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों ने निर्धारित दिनों में गरबा प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संगीत, तालियों और सामूहिक नृत्य से पूरा विद्यालय परिसर गूंजता रहा।

प्राचार्य डॉ. अश्विन गंगवाल ने बताया नवरात्रि का महत्व –
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अश्विन गंगवाल ने विद्यार्थियों को नवरात्रि के धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने माँ दुर्गा के आठ हाथों के प्रतीकात्मक अर्थ को समझाते हुए शक्ति, साहस, ज्ञान, रक्षा और सकारात्मक ऊर्जा जैसे गुणों का महत्व बताया। साथ ही विद्यार्थियों को सत्य, सदाचार और अच्छे कर्मों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। चार दिवसीय नवरात्रि महोत्सव भक्ति, आनंद और सांस्कृतिक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जुडऩे का अवसर प्रदान किया। विद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों में अनुशासन, आपसी सहयोग, सम्मान और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने की दिशा में सराहनीय रही।

