– फाटक क्षेत्र के परेशान दुकानदारों और रहवासियों ने सोमवार शाम शुरू किया उपयोग, अरनियापीथा मंडी की घटना भी आई याद।
जावरा। शहर के बहुप्रतीक्षित रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण का काम पूरा होने के बाद भी इसके विधिवत उद्घाटन का इंतजार जारी था। लेकिन लंबे समय से परेशानी झेल रहे फाटक क्षेत्र के दुकानदारों और रहवासियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। सोमवार शाम लोगों ने खुद ही नवनिर्मित अंडरब्रिज का उपयोग करना शुरू कर दिया। इसी के साथ जावरा के इस बहुप्रतीक्षित अंडरब्रिज से आवागमन शुरू हो गया। लेकिन यह अण्डरब्रिज कई खामयिों से परिपूर्ण हैं। जिसमें आने वाले समय में कई दुघर्टनाएं होना तय हैं।
अंडरब्रिज तैयार होने के बावजूद इसके विधिवत शुभारंभ का इंतजार किए जाने के बीच स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर इसका उपयोग शुरू कर दिया। फाटक क्षेत्र के दुकानदार और रहवासी लंबे समय से आवागमन संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे थे। ऐसे में अंडरब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही यह सुविधा उनके लिए उपलब्ध हो जाएगी। लेकिन उद्घाटन नहीं होने के कारण इंतजार बढ़ता जा रहा था। आखिरकार सोमवार शाम लोगों ने खुद ही अंडरब्रिज से निकलना शुरू कर दिया।
घुमावदार व सकरा अण्डरब्रिज, बारिश में जमा होगा पानी, होंगे कई हादसे –
शहर के सुविधा के नाम पर जो अण्डरब्रिज बनाकर दिया गया हैं, उसमें कई खामियां हैं, पहले तो इसकी चौड़ाई काफी कम हैं, ऐसे में दो चार पहिया वाहन भी ठीक से क्रास नहीं कर पाएंगे, वहीं चौपाटी क्षैत्र से अंदर उतरने पर सीधे लंबा उतार और सीधे दीवार, इसके बाद करीब 120 डिग्री घुमाव के बाद अण्डरपास, जिसकी ऊंचाई इतनी हैं कि बाईक पर बैठकर कोई हाथ ऊंचा करें तो अण्डरपास की छत पर टच हो जाए। ऐसे में यह अण्डरब्रिज केवल दुपहिया वाहनों के उपयोग में ही काम आने वाला हैं, वहीं इसकी चौड़ाई और घुमावदार होने के चलते इसमें कई हादसे होने की भी संभावना रहेगी। इस ब्रिज को बनाने में सुरक्षा मानको को बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया हैं। वहीं बारिश के दिनों में पानी भरने की समस्या भी आम ही रहेगीl
उद्घाटन की औपचारिकता पर भारी पड़ी जनता की जरूरत –
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कोई सार्वजनिक निर्माण कार्य पूरा हो जाता है, तो आम लोगों को उसकी सुविधा मिलने में देरी क्यों होनी चाहिए? जनता के लिए किसी भी विकास कार्य की असली अहमियत उसके निर्माण से ज्यादा उसके उपयोग में है। अंडरब्रिज बनने के बाद क्षेत्रवासियों को जिस राहत का इंतजार था, वह अब इसके उपयोग शुरू होने के साथ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अंडरब्रिज के औपचारिक लोकार्पण और आवागमन के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति एवं सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की पुष्टि किया जाना भी जरूरी है।
अरनियापीथा मंडी में भी सामने आया था ऐसा ही मामला –
जावरा में यह पहला अवसर नहीं है, जब किसी तैयार सार्वजनिक सुविधा को लेकर विधिवत शुरुआत के इंतजार का मामला सामने आया हो। इससे पहले अरनियापीथा मंडी भी बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन वहां भी विधिवत शुरुआत नहीं होने के बीच आक्रोशित किसानों ने खुद ही मंडी स्थानांतरित कर दी थी। अब रेलवे अंडरब्रिज के मामले में भी लोगों द्वारा खुद उपयोग शुरू किए जाने से एक बार फिर सार्वजनिक सुविधाओं के समय पर संचालन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। दोनों घटनाओं में एक समान बात यह है कि तैयार सुविधा का लाभ लेने के लिए संबंधित लोगों ने इंतजार करने के बजाय खुद पहल की।
जनता को सुविधा चाहिए, समारोह का इंतजार नहीं –
विकास कार्यों का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है। ऐसे में निर्माण पूरा होने के बाद आवश्यक जांच, सुरक्षा और प्रशासनिक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर सुविधा शुरू करना महत्वपूर्ण है। उद्घाटन समारोह अपनी जगह है, लेकिन जनता के लिए सुविधा की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी है। जावरा के रेलवे अंडरब्रिज और अरनियापीथा मंडी की घटनाएं जिम्मेदारों के सामने यह सवाल रखती हैं कि सार्वजनिक निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसे लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से कैसे बचा जाए।
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