– दो शिक्षकों और छात्र की मौत के बाद राष्ट्रीय गुजराती वलाई समाज ने सौंपा ज्ञापन
– शहीद का दर्जा, परिवारों को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता देने की मांग
जावरा। रतलाम के पैराडाइज वैली में त्रिमूर्ति कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र-शिक्षकों के साथ हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब स्कूल प्रबंधन की कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राष्ट्रीय गुजराती वलाई समाज की ओर से जावरा के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपकर हादसे की जांच, मृतकों के परिवारों को सहायता और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सहित कई मांगें की गई हैं।
ज्ञापन में घटना का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि 23 अगस्त 2026 को त्रिमूर्ति कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल जावरा के संचालक संदीप सक्सेना के कहने पर स्कूल का दल पैराडाइज वैली स्थित एक असुरक्षित स्थान पर पहुंचा था। ज्ञापन के अनुसार वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और बच्चों को बिना सुरक्षा उपायों के पानी में खेलने के लिए भेजे जाने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि जब कुछ बच्चे पानी में डूबने लगे तो शिक्षक विजय सिंह एवं प्रिंस मोदी ने पानी में छलांग लगाकर बच्चों को बचाया। इस दौरान अन्य बच्चों को बचा लिया गया, लेकिन हर्षित पाटीदार को बचाने के प्रयास में दोनों शिक्षक और हर्षित पाटीदार गहरे पानी में चले गए, जिससे तीनों की डूबने से मौत हो गई। ज्ञापन में बताया गया है कि तीनों के पोस्टमार्टम रतलाम मेडिकल कॉलेज में हुए।
मृतक शिक्षक के परिवार की आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख –
ज्ञापन में शिक्षक विजय सिंह के परिवार की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि वे परिवार में कमाने वाले एकमात्र व्यक्ति थे। ज्ञापन के अनुसार उनके माता-पिता की उम्र 90 वर्ष से अधिक है और उनकी देखभाल करने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है। समाज ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञापन में रखी गईं पांच प्रमुख मांगें –
– शिक्षक विजय सिंह और प्रिंस मोदी को बच्चों को बचाने के दौरान अपनी जान गंवाने पर शहीद का दर्जा दिया जाए।
– दोनों शिक्षकों के परिवार के एक-एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए।
– दोनों शिक्षकों के परिवारों को कम से कम 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
– मृतक छात्र हर्षित पाटीदार के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
– त्रिमूर्ति कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल जावरा के संचालक एवं प्रिंसिपल के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ज्ञापन की प्रतिलिपि रतलाम कलेक्टर, जावरा विधायक तथा जावरा-मंदसौर सांसद को भी भेजी गई है। समाज ने प्रशासन से मांगों का शीघ्र निराकरण कर पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।
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