– 2018 में 6 गोवंशों को वध के लिए महाराष्ट्र ले जाते पकड़ा गया था आरोपी, न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा
जावरा। जावरा न्यायालय ने गोवंश को अवैध रूप से वध के उद्देश्य से परिवहन करने के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह निर्णय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अरुण सिंह अलावा ने सुनाया।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनील सिंह खेर ने बताया कि घटना 14 मार्च 2018 की है। थाना जावरा शहर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बोलेरो पिकअप वाहन (क्रमांक एमपी-43-जी-1553) में छह गोवंशों को क्रुरतापूर्वक भरकर वध के उद्देश्य से जावरा से मालेगांव (महाराष्ट्र) ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जावरा चौपाटी पर नाकाबंदी कर वाहन को रोका। चालक ने अपना नाम जफर पिता अकरम कुरैशी (28 वर्ष), निवासी माधवगंज मोहल्ला, नीमच बताया। वाहन की तलाशी लेने पर पीछे तिरपाल के नीचे छह गोवंश रस्सियों से बंधे हुए अत्यंत क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरे मिले। आरोपी परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज और लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका तथा पूछताछ में गोवंशों को वध के लिए महाराष्ट्र ले जाने की बात सामने आई।
पशु क्रुरता अधिनियम में दर्ज किया था प्रकरण –
पुलिस ने मौके पर वाहन, तिरपाल, रस्सियां एवं गोवंशों को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। बरामद गोवंशों को गोपाल इफ्तेखार गौशाला, जावरा भेजा गया। इसके बाद थाना जावरा शहर में मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं 4, 6, 9 तथा पशु क्रुरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना पूर्ण होने पर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी जफर को दोषी करार देते हुए मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 सहपठित धारा 9(2) के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000 के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनील सिंह खेर ने प्रभावी पैरवी की।


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