– घटनास्थल पर दिया धरना, मुख्यमंत्री ने नाम सौंपा एसडीएम को ज्ञापन
– बगैर किसी मापदण्ड के ब्रिज बनाने वाले सेतु निगम के अधिकारियों पर प्रकरण दर्ज करने की रखी मांग
– ब्रिज पर डिवाईडर और स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग भी उठाई
जावरा। शहर के मध्य स्थित रेलवे समपार 177 पर बनाए गए प्लाय ओव्हरब्रिज पर गुरुवार की रात में शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीणसिंह सोलंकी के सड़क हादसे में गंभीर रुप से घायल होने के बाद शुक्रवार को दोपहर में अभिभाषक संघ जावरा के सभी सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर से पैदल रैली निकाली, सभी पैदल ओव्हरब्रिज तक पहुंचे और जहां अधिवक्ता सोंलकी घायल हुए थे, जहां उनका खुन बहा था, उसी स्थान पर बैठकर धरना देकर ब्रिज पर सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही अमानक स्तर का ब्रिज बनाने वाले सभी अधिकारियों पर प्रकरण दर्ज करने की मांग की। साथ ही अधिवक्ताओं ने ब्रिज पर हुए हादसे को लेकर सीधे सीधे प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। ब्रिज पर सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए अधिवक्ताओं ने एसडीएम को दो दिन का समय दिया हैं। दो दिन में व्यवस्था नहीं होने पर अधिवक्ताों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान अभिभाषक संघ जावरा के अध्यक्ष दिनेश चौहान, उपाध्यक्ष जयंत व्यास, सचिव भारत सैनी, सहसचिव दीपाली कुमावत, कोषाध्यक्ष राहुल पहाडिय़ा, लायब्रेरी सचिव चरणसिंह सोनगरा, वरिष्ठ अधिवक्ता आईपी त्रिवेदी, वरुण श्रोत्रिय, हिम्मतसिंह श्रीमाल, ओपी बघेरवाल, धर्मेन्द्रसिंह सिसौदिया, उबेद अंसारी, हेमेन्द्र तिवारी, सफाअत रसूल आदि ने सम्बोधित करते हुए अमानक स्तर का ब्रिज बनाने ओर हादसे के लिए सीधे सीधे प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम अनुविभागीय अधिकारी त्रिलोचन गौड़ को ज्ञापन सोंपा। इस दौरान नायब तहसीलदार वैभव जैन, अधिवक्ता सुजानमल कोचट्टा, सजी वर्गीस पुखराज सोनगरा, मनीष त्रिवेदी, मुकेश भाटी, अजय श्रीवास्तव, अंकित जैन, अब्दुल हकीम खान, गोविन्दसिंह आदि सहित बड़ी संख्या में अभिभाषक मौजुद रहे। संचालन अधिवक्ता संतोष मेढ़तवाल ने किया।
प्रशासन ने किया ब्रिज ब्लाक, लगा दोनो झोर पर जाम –
विरोध प्रदर्शन करने सड़क पर उतरे वकीलों के प्लाय ओव्हरब्रिज पर पहुंचने के साथ ही प्रशासन ने ओव्हरब्रिज को दोनो और से ब्लाक कर दिया। जिससे कोई भी वाहन प्रदर्शन के दौरान ब्रिज पर नहीं पहुंच सका, ऐसे में ब्रिज के दोनो झोर पर वाहनों की लंबी कतारे लगी, जिन्है अलग अलग रूट से डायर्वट कर निकाला गया। प्लाय ओव्हर ब्रिज पर अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के दौरान ऐम्बूलेंस पहुंची तो वकीलों ने मानवता दिखाते हुए तत्काल ऐम्बूलेंस को रास्ता दिया।
ब्रिज पर सुरक्षा के लिए अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में ये रखी मांगे –
– ब्रिज पर सुरक्षा को लेकर जिन अधिकारियों व कर्मचारियों ने लापरवाही बरती हैं, उन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए
– प्लाई ओव्हर की चोड़ाई को बढ़ाया जाए साथ ही दोनो छोर पर यु टर्न के लिए रोड़ को चोड़ा किया जाए
– दुर्घटनाओं को रोकने के लिए फ्लाय ओव्हर के बीच में तत्काल डिवाईडर लगाकर वन वे जैसी स्थिति निर्मित की जाए
– प्लाय ओव्हर पर बीच बीच में गति नियंत्रण करने के लिए स्पीड बैकरी बनाए जाए
– प्लाय ओव्हरब्रिज के दोनो छोर पर ट्रेफिक जवान तैनात किया जाए
– जब तक अण्डर ब्रिज नहीं बन जाता तब तक रेलवे फाटक को पुन: खोला जाए
– अण्डर ब्रिज को मानकता के साथ बनाने और पानी की उचित निकासी तथा चौडाई बढ़ाई जाए

